मोरेपेन लैब्स का Q4 मुनाफा 69 प्रतिशत बढ़ा ; सीडीएमओ (CDMO) कार्यक्रम का कमर्शियल एक्सीक्यूशन शुरू ; बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 10 प्रतिशत लाभांश देने का प्रस्ताव रखा

 


गुरुग्राम, 27 मई, 2026 :  मोरेपेन लैबोरेटरीज लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। पिछले वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 69 प्रतिशत बढ़कर 20 करोड़ रुपये हो गया, जबकि सकल राजस्व 22 प्रतिशत  बढ़कर 472 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी ने बताया कि यह वृद्धि मुख्य रूप से निर्यात कारोबार में गति और मेडिकल डिवाइसेज बिजनेस में विस्तार के कारण हुई है। कंपनी ने यह भी बताया कि वित्त वर्ष 2026 के उत्तरार्ध में परिचालन गति में मजबूती आई है।

कंपनी के API (एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट) कारोबार में चौथी तिमाही के दौरान 17 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मेडिकल डिवाइसेज बिजनेस 31 प्रतिशत बढ़ा। पूरे वित्त वर्ष FY2025-26 में कंपनी का स्टैंडअलोन सकल राजस्व 1,700 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए शेयरधारकों को 10 प्रतिशत लाभांश देने का प्रस्ताव रखा है।

बोर्ड ने हालिया घटनाक्रम का हवाला देते हुए बताया कि कंपनी ने ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाते हुए लगातार चौथी बार यूएसएफडीए निरीक्षण बिना किसी प्रतिकूल टिप्पणी (Nil 483 Observation) के सफलतापूर्वक पास किया है। इसके अलावा दीर्घकालिक उत्पादन कार्यक्रम के तहत कमर्शियल उत्पादन भी शुरू हो गया है।

मोरेपेन लैब्स को फरवरी 2026 में एक प्रमुख वैश्विक बहुराष्ट्रीय दवा कंपनी से 825 करोड़ रुपये (91 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का बहुवर्षीय CDMO कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त हुआ था। Q4 FY26 के दौरान कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के तहत कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। वैलिडेशन बैच पूरे हो चुके हैं और शुरुआती सप्लाई शेड्यूल भी संरेखित हो चुके हैं। कंपनी ने दावा किया है कि इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत आपूर्ति जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है।

कंपनी अपने उत्पादन क्षमता विस्तार पर भी काम कर रही है। वर्तमान में इसकी क्षमता लगभग 500 KL है, जिसे बढ़ाकर लगभग 800 KL करने की प्रक्रिया जारी है। आगे चलकर इसे 1,000 KL तक ले जाने की योजना है।

इस तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार, विनियमित बाजार कार्यक्रमों और चिकित्सा उपकरणों के विस्तार की दिशा में निरंतर निवेश भी देखने को मिला। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में EBITDA 32 करोड़ रुपये रहा, जबकि वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में यह 33 करोड़ रुपये था, जो इन विकास निवेशों को दर्शाता है। कंपनी का मानना ​​है कि इन प्रयासों का उद्देश्य आने वाली तिमाहियों में परिचालन क्षमता में वृद्धि, मार्जिन विस्तार और दीर्घकालिक विकास की स्पष्टता को बढ़ावा देना है।

मोरेपेन लैबोरेटरीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक श्री सुशील सूरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मोरपेन ने मजबूत विनिर्माण क्षमता, नियामकीय विश्वसनीयता और वैश्विक ग्राहक संबंध स्थापित किए हैं। अब हम दीर्घकालिक विनिर्माण साझेदारियों, पैमाने के विस्तार और बेहतर परिचालन क्षमता पर केंद्रित विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रहे हैं। श्री सूरी ने आगे कहा कि कंपनी का व्यवसाय धीरे-धीरे पारंपरिक एपीआई मॉडल से आगे बढ़कर एक विनिर्माण-आधारित प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ रहा है, जो दीर्घकालिक ग्राहक कार्यक्रमों, आवर्ती राजस्व, प्रक्रिया विस्तार और विनियमित बाजार साझेदारी द्वारा संचालित है।

एपीआई बिजनेस के कार्यकारी निदेशक और सीईओ श्री संजय सूरी ने विनिर्माण विस्तार और उत्पाद पाइपलाइन पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हम अपनी उत्पादन क्षमता को लगभग 500 किलोलीटर से बढ़ाकर लगभग 800 किलोलीटर कर रहे हैं, और दीर्घकालिक योजना के तहत इसे लगभग 1000 किलोलीटर तक ले जाने का लक्ष्य है। बढ़ती उत्पादन क्षमता, बेहतर उत्पाद मिश्रण और दीर्घकालिक आपूर्ति कार्यक्रमों से मध्यम अवधि में बेहतर लाभ मार्जिन और आय की स्पष्टता को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

श्री संजय सूरी ने यह भी बताया कि कंपनी ने रेस्मेटिरोम 100 मिलीग्राम दवा के लिए एक महत्वपूर्ण जैव-समतुल्यता अध्ययन भी पूरा कर लिया है, जो कि एक मौखिक थायरॉइड हार्मोन रिसेप्टर-बीटा एगोनिस्ट है जिसका उपयोग एमएएसएच  (MASH) से जुड़े मध्यम से उन्नत लीवर फाइब्रोसिस रोग के उपचार में किया जाता है। यह अध्ययन अमेरिका को छोड़कर कई प्रमुख रेगुलेटेड बाजारों को कवर करता है एवं मोरपेन की विश्व स्तर पर प्रासंगिक विशेषज्ञता वाली पाइपलाइन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

फार्मा क्षेत्र में बदलाव के साथ-साथ, मेडिकल डिवाइसेज कारोबार भी कंपनी के लिए तेजी से बढ़ता हुआ क्षेत्र बना हुआ है। FY2026 में इस बिजनेस का राजस्व 21 प्रतिशत बढ़कर 598 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी के पास अब लगभग 1.7 करोड़ नियमित उपयोगकर्ताओं का आधार है। मेडिकल डिवाइसेस प्लेटफॉर्म को एक अलग, उच्च-विकासशील स्वास्थ्य सेवा व्यवसाय के रूप में विकसित किया जा रहा है जो क्रॉनिक केयर, कंज्यूमर डायग्नोस्टिक्स, सीजीएम के अवसरों तथा कनेक्टेड हेल्थकेयर एकीकरण पर केंद्रित है।

विनिर्माण क्षेत्र में विस्तार, उपकरणों के विस्तार, ग्राहक अधिग्रहण और स्वास्थ्य सेवा प्लेटफार्मों में किए गए रणनीतिक निवेशों ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान अल्पकालिक लाभप्रदता को प्रभावित किया है।

कंपनी का मानना ​​है कि ये निवेश व्यवसाय को बेहतर परिचालन क्षमता, मार्जिन विस्तार और मजबूत दीर्घकालिक आय स्पष्टता के लिए तैयार करते हैं।

About Morepen Laboratories Limited

Morepen Laboratories Limited is a vertically integrated pharmaceutical and healthcare company with over four decades of API manufacturing experience, globally approved facilities and exports across 90+ countries. The Company has established leadership positions across key APIs, supported by USFDA and EU-approved manufacturing infrastructure, 403 DMF filings worldwide and a strong regulated-market compliance track record, including its fourth consecutive USFDA inspection with NIL 483 observations.

Morepen is progressively expanding from a traditional API business into a manufacturing-led platform focused on long-duration supply contracts, CDMO partnerships, process scale-up and regulated-market customer programs. The Company is also developing its Medical Devices business as a separate high-growth healthcare platform across chronic care, consumer diagnostics, CGM opportunities and connected health.

 

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