सूरत (गुजरात) [भारत] : सात जुलाई को सूरत में हुई मूसलाधार बारिश और खाड़ी में आई बाढ़ के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया था। हजारों परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई घरों में पानी घुस जाने से अनाज, कपड़े और घरेलू सामान को भारी नुकसान पहुंचा। ऐसे कठिन समय में बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए लोगों में 'सम्राट भाऊ' के नाम से लोकप्रिय तथा हमेशा समाजसेवा के लिए तत्पर रहने वाले युवा नेता एवं युवा उद्यमी सम्राट पाटील आगे आए हैं।
सम्राट पाटील के हाथों रविवार शाम पांच बजे डिंडोली की चार सोसायटियों से राहत किट वितरण अभियान की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत अगले 13 से 15 दिनों में कुल 15 हजार राहत किट वितरित की जाएंगी। पहले चरण में नवागाम, डिंडोली और लिंबायत क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत किट दी जाएगी। प्रतिदिन अलग-अलग सोसायटियों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाई जाएगी। प्रत्येक राहत किट में 5 किलोग्राम चावल, 500 ग्राम दाल सहित आवश्यक खाद्य सामग्री दी जा रही है, ताकि बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिल सके।
सम्राट पाटील ने बताया कि बाढ़ के बाद जब उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया तो देखा कि कई परिवारों के घरों में पानी भर जाने से अनाज, कपड़े और घरेलू उपयोग का सामान पूरी तरह खराब हो गया था। कई परिवारों का महीनों का राशन भी नष्ट हो गया। यह स्थिति देखकर उन्हें लगा कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए यथासंभव सेवा करनी चाहिए। इसी भावना के साथ राहत किट वितरण का निर्णय लिया गया। मैं एक भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हूं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल जिस तरह जनहित और जनसेवा को प्राथमिकता देते हैं, उससे मुझे हमेशा प्रेरणा मिलती है। यही प्रेरणा मुझे जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा प्रेरित करती है।
उन्होंने कहा, "बाढ़ प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए यह हमारी ओर से एक छोटा-सा प्रयास है। फूल नहीं तो फूल की पंखुड़ी के समान ही सही, लेकिन जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने का हमारा प्रयास रहेगा।"
उल्लेखनीय है कि सम्राट पाटील (सम्राट भाऊ) हमेशा जनसेवा के लिए समर्पित रहे हैं। इससे पहले उन्होंने सूरत में पूज्य कथावाचक प्रदीप मिश्रा के सान्निध्य में भव्य श्रीराम कथा का आयोजन कराया था। हाल ही में उन्होंने बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन स्वरूप चेक वितरित किए। इसके अलावा वे प्रत्येक वर्ष जरूरतमंद विद्यार्थियों को नोटबुक का वितरण भी करते हैं।
